India-Pakistan की तरफ़ से लड़ने वाले दो सगे भाइयों की कहानी | History (BBC Hindi)
सन 1947 में भारत का विभाजन हुआ तो बड़े भाई साहिबज़ादा यूनुस ख़ाँ ने भारतीय सेना में बने रहने का फ़ैसला किया जबकि उनके छोटे भाई साहिबज़ादा याक़ूब ख़ाँ ने पाकिस्तानी सेना ज्वाइन कर ली. दोनों भाई कश्मीर में युद्ध के मैदान में एक दूसरे के आमने-सामने थे. दोनों मेजर के पद पर काम कर रहे थे और दोनों अपनी-अपनी बटालियनों का नेतृत्व कर रहे थे. विवेचना में इस बार रेहान फ़ज़ल बता रहे हैं भारत और पाकिस्तान की तरफ़ से लड़ने वाले दो सगे भाइयों की कहानी.
भूल सुधार: साहिबज़ादा यूनुस खाँ पर शोध निहारिका सिंह ने नहीं, बल्कि निवेदिता सिंह ने किया है.
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